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सरदार वल्लभभाई पटेल के अनमोल वचन – Sardar Vallabhbhai Patel Quotes In Hindi

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Best Sardar VallabhBhai Patel Quotes in Hindi : इस पोस्ट में हम सरदार वल्लभभाई पटेल के सर्वश्रेष्ठ अनमोल विचारों को प्रकाशित कर रहे हैं जिनमे आपको उनके सशक्त व्यक्तित्व की झलक मिलेगी, उम्मीद करते हैं कि इन विचारों में आपको सीखने और अपनाने के लिए अनेक सीखें जरूर मिल जाएँगी।  


“मनुष्य को ठंडा रहना चाहिए, क्रोध नहीं करना चाहिए। लोहा भले ही गर्म हो जाए, हथौड़े को तो ठंडा ही रहना चाहिए अन्यथा वह स्वयं अपना हत्था जला डालेगा। कोई भी राज्य प्रजा पर कितना ही गर्म क्यों न हो जाये, अंत में तो उसे ठंडा होना ही पड़ेगा।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“शक्ति के अभाव में विश्वास व्यर्थ है। विश्वास और शक्ति, दोनों किसी महान काम को करने के लिए आवश्यक हैं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Faith is of no avail in absence of strength. Faith and strength, both are essential to accomplish any great work.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“आपकी अच्छाई आपके मार्ग में बाधक है, इसलिए अपनी आँखों को क्रोध से लाल होने दीजिये, और अन्याय का सामना मजबूत हाथों से कीजिये।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

Your goodness is impediment in your way, so let your eyes be red with anger, and try to fight the injustice with a firm hand.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“ऐसे बच्चे जो मुझे अपना साथ दे सकते हैं, उनके साथ अक्सर मैं हंसी-मजाक करता हूँ। जब तक एक इंसान अपने अन्दर के बच्चे को बचाए रख सकता है तभी तक जीवन उस अंधकारमयी छाया से दूर रह सकता है जो इंसान के माथे पर चिंता की रेखाएं छोड़ जाती है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

Very often I indulge in less vigorous pranks with children who can afford to give me the benefit of their company. It is only so long as a man can retain the child in him that life can be free from those dark shadows which leave inevitable furrows on a man’s forehead.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“जीवन की डोर तो ईश्वर के हाथ में है, इसलिए चिंता की कोई बात हो ही नहीं सकती।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल“Life is in the hands of God, therefore, can not be worry.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“इस मिट्टी में कुछ अनूठा है, जो कई बाधाओं के बावजूद हमेशा महान आत्माओं का निवास रहा है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“There is something unique in this soil, which despite many obstacles has always remained the abode of great souls.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“काम करने में तो मजा ही तब आता है, जब उसमे मुसीबत होती है मुसीबत में काम करना बहादुरों का काम है मर्दों का काम है कायर तो मुसीबतों से डरते हैं लेकिन हम कायर नहीं हैं, हमें मुसीबतों से डरना नहीं चाहिये।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“यह हर एक नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह यह अनुभव करे की उसका देश स्वतंत्र है और उसकी स्वतंत्रता की रक्षा करना उसका कर्तव्य है। हर एक भारतीय को अब यह भूल जाना चाहिए कि वह एक राजपूत है, एक सिख या जाट है। उसे यह याद होना चाहिए कि वह एक भारतीय है और उसे इस देश में हर अधिकार है पर कुछ जिम्मेदारियां भी हैं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“It is the prime responsibility of every citizen to feel that his country is free and to defend its freedom is his duty. Every Indian should now forget that he is a Rajput, a Sikh or a Jat. He must remember that he is an Indian and he has every right in this country but with certain duties.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“यहाँ तक कि यदि हम हज़ारों की दौलत गवां दें, और हमारा जीवन बलिदान हो जाए, हमें मुस्कुराते रहना चाहिए और ईश्वर एवं सत्य में विश्वास रखकर प्रसन्न रहना चाहिए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Even if we lose the wealth of thousands, and our life is sacrificed, we should keep smiling and be cheerful keeping our faith in God and Truth.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“स्वतंत्र भारत में कोई भी भूख से नहीं मरेगा। अनाज निर्यात नहीं किया जायेगा। कपड़ों का आयात नहीं किया जाएगा। इसके नेता ना विदेशी भाषा का प्रयोग करेंगे ना किसी दूरस्थ स्थान, समुद्र स्तर से 7000 फुट ऊपर से शासन करेंगे। इसके सैन्य खर्च भारी नहीं होंगे। इसकी सेना अपने ही लोगों या किसी और की भूमि को अधीन नहीं करेगी। इसके सबसे अच्छे वेतन पाने वाले अधिकारी इसके सबसे कम वेतन पाने वाले सेवकों से बहुत ज्यादा नहीं कमाएंगे, और यहाँ न्याय पाना ना खर्चीला होगा ना कठिन होगा।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“No one would die of starvation in independent India. Its grain would not be exported. Cloth would not be imported by it. Its leaders would neither use a foreign language nor rule from a remote place 7,000 feet above sea level. Its military expenditure would not be heavy. Its army would not subjugate its own people or other lands. Its best-paid officials would not earn a great deal more than its lowest-paid servants. And finding justice in it would be neither costly nor difficult.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“बोलने में मर्यादा मत छोड़ना, गालियाँ देना तो कायरों का काम है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Do not leave dignity in speaking, to abuses is the work of cowards.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“बेशक कर्म पूजा है किन्तु हास्य जीवन है। जो कोई भी अपना जीवन बहुत गंभीरता से लेता है उसे एक तुच्छ जीवन के लिए तैयार रहना चाहिए। जो कोई भी सुख और दुःख का समान रूप से स्वागत करता है वास्तव में वही सबसे अच्छी तरह से जीता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Work is undoubtedly worship but laughter is life. Any one who takes life too seriously must prepare himself for a miserable existence. Anyone who greets joys and sorrows with equal facility can really get the best of life.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“कठिन समय में कायर बहाना ढूंढ़ते हैं बहादुर व्यक्ति रास्ता खोजते हैं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Complain is the work of cowards! Braves took over the task of preparing the way!”


“जीवन में सब कुछ एक दिन में नहीं हो जाता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Everything in life do not go one day.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“उतावले उत्साह से बड़ा परिणाम निकलने की आशा नहीं रखनी चाहिये।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Eager enthusiasm should not have expected to yield big results.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“हमें अपमान सहना सीखना चाहिए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“We must learn to endure humiliation.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“हर इंसान सम्मान के योग्य है, जितना उसे ऊपर सम्मान चाहिए उतना ही उसे नीचे गिरने का डर नहीं होना चाहिए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Every human being is worthy of respect, as much as it should have respect above should not be afraid of him falling down.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“अविश्वास भय का कारण है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Distrust is the cause of fear.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“मेरी एक ही इच्छा है कि भारत एक अच्छा उत्पादक हो और इस देश में कोई अन्न के लिए आंसू बहाता हुआ भूखा ना रहे।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“My only desire is that India should be a good producer and no one should be hungry, shedding tears for food in the country.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“एकता के बिना जनशक्ति, शक्ति नहीं है जब तक उसे ठीक ढंग से सामंजस्य में ना लाया जाए और एकजुट ना किया जाए, और तब यह आध्यात्मिक शक्ति बन जाती है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Manpower without Unity is not a strength unless it is harmonized and united properly, then it becomes a spiritual power.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“चर्चिल से कहो कि भारत को बचाने से पहले इंग्लैंड को बचाए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Tell Churchill to save England first before saving India.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“जो तलवार चलाना जानते हुए भी तलवार को म्यान में रखता है, उसी की अहिंसा सच्ची अहिंसा कही जाएगी. कायरों की अहिंसा का मूल्य ही क्या. और जब तक अहिंसा को स्वीकार नहीं जाता, तब तक शांति कहाँ!” ~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“कर्तव्यनिष्ठ व्यक्ति सदैव आशावान रहता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“जब जनता एक हो जाती है, तब उसके सामने क्रूर से क्रूर शासन भी नहीं टिक सकता। अतः जात-पांत के ऊँच-नीच के भेदभाव को भुलाकर सब एक हो जाइए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“कठिनाई दूर करने का प्रयत्न ही न हो तो कठिनाई कैसे मिटे। इसे देखते ही हाथ-पैर बाँधकर बैठ जाना और उसे दूर करने का कोई भी प्रयास न करना निरी कायरता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“कल किये जानेवाले कर्म का विचार करते-करते आज का कर्म भी बिगड़ जाएगा। और आज के कर्म के बिना कल का कर्म भी नहीं होगा, अतः आज का कर्म कर लिया जाये तो कल का कर्म स्वत: हो जाएगा।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“भगवान किसी को दूसरे के दोषों का धनद नहीं देता, हर व्यक्ति अपने ही दोषों से दुखी होता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“अधिकार मनुष्य को अँधा बना देता है। इसे हजम करने के लिए जब तक पूरा मूल्य न चुकाया जाये, तब तक मिले हुए अधिकारों को भी हम गंवा बैठेंगे।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“जो व्यक्ति अपना दोष जनता है उसे स्वीकार करता है, वही ऊँचा उठता है। हमारा प्रयत्न होना चाहिए कि हम अपने दोषों को त्याग दें।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“अपने धर्म का पालन करते हुए जैसी भी स्थिति आ पड़े, उसी में सुख मानना चाहिए और ईश्वर में विश्वास रखकर सभी कर्तव्यों का पालन करते हुए आनन्दपूर्वक दिन बिताने चाहिए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“शत्रु का लोहा भले ही गर्म हो जाये, पर हथौड़ा तो ठंडा रहकर ही काम दे सकता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“Even if the enemy iron gets hot, then cold hammer can only work intermittently.”~ Sardar Vallabhbhai Patel


“जीतने के बाद नम्रता और निरभिमानता आनी चाहिए, और वह यदि न आए तो वह घमंड कहलाएगा।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“चूँकि पाप का भार बढ़ गया है, अतः संसार विनाश के मार्ग पर अग्रसर है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“मानव ईश्वरप्रदत्त बुद्धि का उपयोग नहीं करता, आँखें होते हुए भी नहीं देखता, इसीलिए वह दुखी रहता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“हिंसा के बल पर ही जो सारी तैयारी करते हैं। उनके दिल में भी के सिवाय और कुछ नहीं होता। भी तो ईश्वर से होना चाहिए,किसी मनुष्य या सत्ता से नहीं और भी को मिटाकर हम दूसरों को भयभीत करें तो इस जैसा कोई पाप नहीं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“भारत की एक बड़ी विशेषता है, वह यह कि चाहे कितने ही उतर-चढ़ाव आएँ, किन्तु पुण्यशाली आत्माएँ यहाँ जन्म लेती ही रहती हैं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“मृत्यु ईश्वर-निर्मित है, कोई किसी को प्राण न दे सकता है, न ले सकता है। सरकार की तोपें और बंदूकें हमारा कुछ भी नहीं कर सकतीं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“शक्ति के बिना बोलने से लाभ नहीं। गोला-बारूद के बिना बत्ती लगाने से धडाका नहीं होता।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“संस्कृति समझ-बूझकर शांति पर रची गयी है। मरना होगा तो वे अपने पापों से मरेंगे। जो काम प्रेम, शांति से होता है, वह वैर-भाव से नहीं होता।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“शक्ति के बिना श्रद्धा व्यर्थ है। किसी भी महान कार्य को पूरा करने में श्रद्धा और शक्ति दोनों की आवश्यकता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“जल्दी करने से आम नहीं पकता। आम की कच्ची कैरी तोड़ेंगे तो दांत खट्टे होंगे। फल को पकने दें, पकेगा तो स्वयं गिरेगा और रसीला होगा। इसी भांति समझौते का समय आएगा, तब सच्चा लाभ मिलेगा।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“सुख और दुःख मन के कारण ही पैदा होते हैं और वे मात्र कागज के गोले हैं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“अगर आप आम के फल को समय से पहले ही तोड़ कर खा लेंगे, तो वह खट्टा ही लगेगा। लेकिन वहीँ आप उसे थोड़ा समय देते हैं तो वह खुद-ब-खुद पककर नीचे गिर जाएगा और आपको अमृत के समान लगेगा।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“अगर आपके पास शक्ति की कमी है तो विश्वास किसी काम का नहीं क्योंकि महान उद्देश्यों की पूर्ति के लिए शक्ति और विश्वास दोनों का होना जरूरी है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“अगर हमारी करोड़ों की दौलत भी चली जाए या फिर हमारा पूरा जीवन बलिदान हो जाए तो भी हमें ईश्वर में विश्वास और उसके सत्य पर विश्वास रखकर प्रसन्न रहना चाहिए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“अधिकार मनुष्य को तब तक अँधा बनाये रखेंगे, जब तक मनुष्य उस अधिकार को प्राप्त करने हेतु मूल्य न चुका दे।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“अपने जीवन में हम जो कुछ कर पाते हैं, वह कोई बड़ी बात नहीं, जिसके लिए हम गुरुर कर सकें, क्योंकि जो कुछ हम करते हैं, उसमे हमारा क्या भाग है? असल में कराने वाला तो खुदा है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“आज हमें ऊंच-नीच, अमीर-गरीब, जाति-पंथ के भेदभावों को समाप्त कर देना चाहिए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“आत्मा को गोली या लाठी नहीं मार सकती, दिल के भीतर की असली चीज इस आत्मा को कोई हथियार नहीं छू सकता।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“आपके घर का प्रबंध दूसरों को सौंपा गया हो तो यह कैसा लगता है- यह आपको सोचना है जब तक प्रबंध दूसरों के हाथ में है तब तक परतन्त्रता है और तब तक सुख नहीं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“आपको अपना अपमान सहने की कला आनी चाहिए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“आलस्य छोडिये और बेकार मत बैठिये क्योंकि हर समय काम करने वाला अपनी इन्द्रियों को आसानी से वश में कर लेता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“इंसान जितने सम्मान के लायक हो, उतना ही उसका सम्मान करना चाहिये, उससे अधिक नहीं करना चाहिये नहीं तो उसके नीचे गिरने का डर रहता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“इस देश की मिट्टी में कुछ अलग ही बात है, जो इतनी कठिनाइयों के बावजूद हमेशा महान आत्माओं की भूमि रही हैं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“ईश्वर का नाम ही (रामवाण) दवा है दूसरी सब दवाएं बेकार हैं वह जब तक हमें इस संसार में रखे, तब तक हम अपना कर्तव्य करते रहें जाने वाले का शोक न करें, क्योंकि जीवन की डोर तो उसी के हाथ में है फिर चिंता की क्या बात याद रहे कि सबसे दुखी मनुष्य में भगवान का वास होता है वह महलों में नहीं रहता।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“कठोर-से-कठोर हृदय को भी प्रेम से वश में किया जा सकता है प्रेम तो प्रेम है माता को भी अपना काना-कुबड़ा बच्चा भी सुंदर लगता है और वह उससे असीम प्रेम करती है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“कर्तव्यनिष्ठ पुरूष कभी निराश नहीं होता अतः जब तक जीवित रहें और कर्तव्य करते रहें तो इसमें पूरा आनन्द मिलेगा।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“कल किये जाने वाले कर्म का विचार करते-करते आज का कर्म भी बिगड़ जाएगा और आज के कर्म के बिना कल का कर्म भी नहीं होगा, अतः आज का कर्म कर लिया जाये तो कल का कर्म स्वत: हो जाएगा कल हमें कोई मदद देने वाला है, इसलिए आज बेठे रहे, तो आज भी बिगड़ जाएगा, और कल तो बिगड़ेगा ही।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“कायरता का बोझा दूसरे पड़ोसियों पर रहता है अतः हमें मजबूत बनना चाहिए ताकि पड़ोसियों का काम सरल हो जाए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“किसी तन्त्र या संस्थान की पुनपुर्न: निंदा की जाए तो वह ढीठ बन जाता है और फिर सुधरने की बजाय निंदक की ही निंदा करने लगता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“किसी राष्ट्र के अंतर में स्वतन्त्रता की अग्नि जल जाने के बाद वह दमन से नहीं बुझाई जा सकती स्वतन्त्रता-प्राप्ति के बाद भी यदि परतन्त्रता की दुर्गन्ध आती रहे तो स्वतन्त्रता की सुगंध नहीं फैल सकती।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“कोशिश करना हमारा फर्ज है अगर हम अपने फर्ज को पूरा ना करें तो हम ईश्वर के गुनहगार बनते हैं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“गरीबों की सेवा ही ईश्वर की सेवा है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“चरित्र के विकास से बुद्धि का विकास तो हो ही जाएगा और लोगों पर छाप तो हमारे चरित्र की ही पडती है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“जब तक हमारा अंतिम ध्येय प्राप्त ना हो जाए तब तक उत्तरोत्तर अधिक कष्ट सहन करने की शक्ति हमारे अन्दर आये, यही सच्ची विजय है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“जवानी को जाते देर नहीं लगती और गई हुई जवानी फिर वापस नहीं आती जो मनुष्य जवानी के एक एक पल का उपयोग करता है, वह कभी बूढा नहीं होता सदा जवान बने रहने की इच्छा वाला मनुष्य मरते दम तक अपने कर्त्तव्य पालन में जुटा रहता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“जितना दुःख भाग्य में लिखा है, उसे भोगना ही पड़ेगा-फिर चिंता क्यों?“~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“जिसने भगवान को पहचान लिया, उसके लिए तो संसार में कोई अस्पृश्य नहीं है, उसके मन में ऊँच-नीच का भेद कहाँ! अस्पृश्य तो वह प्राणी है जिसके प्राण निकल गए हों अर्थात वह शव बन गया हो अस्पृश्यता एक वहम है जब कुत्ते को छूकर, बिल्ली को छूकर नहाना नहीं पड़ता तो अपने समान मनुष्य को छूकर हम अपवित्र कैसे हुए?


“जीवन में आप जितने भी दुःख और सुख के भागी बनते हैं, उसके पूर्ण रूप से जिम्मेदार आप स्वंय ही होते है। इसमें ईश्वर का कोई भी दोष नहीं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“जैसे प्रसव-वेदना के बाद राहत मिलती है, उसी प्रकार ज्यादती के बाद ही विजय होती है समाज की बुराइयों को दूर करने के लिए इससे अधिक शक्तिशाली कोई हथियार नहीं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“जो भी व्यक्ति जीवन को बहुत अधिक गंभीरता से लेता हैं, उसे एक तुच्छ जीवन जीने के लिए तैयार रहना चाहिए। सुख-दुःख को समान रूप से स्वीकार करने वाला व्यक्ति ही सही मायनों में जीवन का आनंद ले पाता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“जो मनुष्य सम्मान प्राप्त करने योग्य होता है, वह हर जगह सम्मान प्राप्त कर लेता है पर अपने जन्म-स्थान पर उसके लिए सम्मान प्राप्त करना कठिन ही है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“त्याग के मूल्य का तभी पता चलता है, जब अपनी कोई मूल्यवान वस्तु छोडनी पडती है जिसने कभी त्याग नहीं किया, वह इसका मूल्य क्या जाने।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“थका हुआ इंसान दौड़ने लगे तो स्थान पर पहुँचने के बजाय जान गंवा बेठता है, ऐसे समय पर आराम करना और आगे बढ़ने की ताकत जुटाना उसका धर्म हो जाता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“दुःख उठाने के कारण प्राय: हममें कटुता आ जाती है, द्रष्टि संकुचित हो जाती है और हम स्वार्थी तथा दूसरों की कमियों के प्रति असहिष्णु बन जाते हैं शारीरिक दुःख से मानसिक दुःख अधिक बुरा होता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“दुश्मन का लोहा भले ही गर्म हो जाय पर हथोड़ा हमेशा उसे ठंडा कर देता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“देश में अनेक धर्म, अनेक भाषाएँ हैं, तो भी इसकी संस्कृति एक है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“नेतापन तो सेवा में है, पर जो सीधा बन जाता है, वह किसी-न-किसी दिन लुढक अवश्य जाता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“प्रत्येक मनुष्य में प्रकृति ने चेतना का अंश रख दिया है जिसका विकास करके मनुष्य उन्नति कर सकता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“प्राण लेने का अधिकार तो ईश्वर को है सरकार की तोप या बंदूकें हमारा कुछ नहीं कर सकतीं हमारी निर्भयता ही हमारा कवच है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“प्राणियों के इस शरीर की रक्षा का दायित्व बहुत-कुछ हमारे मन पर भी निर्भर करता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“पड़ोसी का महल देखकर अपनी झोपडी तोड़ डालने वाला महल तो बना नहीं सकता, अपनी झोपडी भी खो बैठता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“बहुत बोलने से कोई फायदा नहीं होता बल्कि नुकसान ही होता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“भगवान के आगे झुको किसी दुसरे के आगे नहीं, हमारा सिर कभी भी झुकने वाला नहीं होना चाहिए।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“मान-सम्मान किसी के देने से नहीं मिलते, अपनी योग्यतानुसार मिलते हैं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“मेरी तो आदत पड़ गई है की जहाँ पैर रख दिया, वहां से पीछे न हटाया जाए, जहाँ पैर रखने के बाद वापस लोटना पड़े, वहां पैर रखने की मुझे आदत नहीं, अँधेरे में कूद पड़ने का मेरा स्वभाव नहीं है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“यह बिल्कुल सत्य है कि पानी में तैरने वाले ही डूबते हैं, किनारे पर खड़े रहने वाले नहीं, लेकिन किनारे पर खड़े रहने वाले कभी तैरना भी नहीं सीख पाते।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“यह भारत के प्रत्येक नागरिक का कर्तव्य हैं कि वह अनुभव करे कि उसका देश स्वतन्त्र हैं और देश की स्वतंत्रता की रक्षा करना उसका कर्त्तव्य हैं। अब हर भारतीय को भूल जाना चाहिए कि वह सिख हैं, जाट है या राजपूत। उसे केवल इतना याद रखना चाहिए कि अब वह केवल भारतीय हैं जिसके पास सभी अधिकार हैं, लेकिन उसके कुछ कर्तव्य भी हैं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“वह इन्सान कभी सुख प्राप्त नहीं कर सकता जिसने कभी किसी संत को दुःख पहुंचाया हो।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“विश्वास का न होना ही का कारण है प्रज्ञा का विश्वास राज्य की निर्भयता की निशानी है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“विश्वास रखकर आलस्य छोड़ दीजिये, वहम मिटा दीजिये, डर छोड़िये, फूट का त्याग कीजिये, कायरता निकाल डालिए, हिम्मत रखिये, बहादुर बन जाइए, और आत्मविश्वास रखना सीखिए इतना कर लेंगे तो आप जो चाहेंगे, अपने आप मिलेगा दुनिया में जो जिसके योग्य है, वह उसे मिलता ही है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“शारीरिक और मानसिक शिक्षा साथ –साथ दी जाये, ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए शिक्षा इसी हो जो छात्र के मन का, शरीर का, और आत्मा का विकास करे।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“संस्कृति समझ-बूझकर शांति पर रची गयी है मरना होगा तो वे अपने पापों से मरेंगे जो काम प्रेम, शांति से होता है, वह वैर-भाव से नहीं होता।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“सच्चे त्याग और आत्मशुद्धि के बिना स्वराज नहीं आएगा आलसी, ऐश-आराम में लिप्त के लिए स्वराज कहाँ! आत्मबल के आधार पर खड़े रहने को ही स्वराज कहते हैं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“सत्ताधीशों की सत्ता उनकी मृत्यु के साथ ही समाप्त हो जाती है, पर महान देशभक्तों की सत्ता मरने के बाद काम करती है, अतः देशभक्ति अर्थात् देश-सेवा में जो मिठास है, वह और किसी चीज में नहीं।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“सत्य के मार्ग पर चलने हेतु बुरे का त्याग अवश्यक है, चरित्र का सुधार आवश्यक है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“सारी उन्नति की कुंजी ही स्त्री की उन्नति में है स्त्री यह समझ ले तो स्वयं को अबला न कहे वह तो शक्ति-रूप है माता के बिना कौन पुरूष पृथ्वी पर पैदा हुआ है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“सेवा करनेवाले मनुष्य को विन्रमता सीखनी चाहिए, वर्दी पहन कर अभिमान नहीं, विनम्रता आनी चाहिए


“सेवा-धर्म बहुत कठिन है यह तो काँटों की सेज पर सोने के समान ही है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“स्वार्थ के हेतु राजद्रोह करनेवालों से नरककुंड भरा है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“हम कभी हिंसा न करें, किसी को कष्ट न दें और इसी उद्देश्य से हिंसा के विरूद्ध गांधीजी ने अहिंसा का हथियार आजमा कर संसार को चकित कर दिया।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल


“हर जाति या राष्ट्र खाली तलवार से वीर नहीं बनता तलवार तो रक्षा-हेतु आवश्यक है, पर राष्ट्र की प्रगति को तो उसकी नैतिकता से ही मापा जा सकता है।”~ सरदार वल्लभ भाई पटेल

“आपको सरदार वल्लभ भाई पटेल का सर्वश्रेष्ठ अनमोल विचार कैसा लगा हमे कमेंट्स बॉक्स में जरूर बतायें, यदि पसंद आया तो अपने मित्रो में व सोशल मीडिया पर जरूर शेयर करें। इसी तरह की अन्य जानकारी हिन्दी में पढ़ने के लिए आप हमें फ़ेसबुक और ट्विटर पर भी लाइक/फ़ॉलो कर सकते हैं।”

सिम्पी सिंह
संपादक – “न्यूज़ चौक
संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी – डील टुडेज

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