मक्का का परिचय (Introduction of Corn) 

Benefits of Corn in Hindi: बरसात के समय भुट्टा या मक्के का मजा सब लेते हैं लेकिन इसके फायदों के बारे में कितने लोगों को पता है। आयुर्वेद में मक्का के औषधीय गुणों के आधार पर यह विभिन्न बीमारियों के उपचार में काम करता है। चलिये मक्का के गुणों और फायदों बारे में विस्तार से जानते हैं।

मक्का क्या होता है? (What is Corn in Hindi?)

Makka Ke Fayde in Hindi: मक्का बहुत ही पौष्टिक होता है। भुट्टे के कोमल बाल दर्द कम करने वाला और मूत्र को बढ़ाने वाला होता है। इसके अलावा सूजाक या गोनोरिया, सूजन और पथरी में इनका काढ़ा बनाकर पिलाया जाता है।

मक्का प्रकृति से मधुर, ठंडा, रूखा, खाकर मन संतुष्ट करने वाला, पित्त का स्राव बढ़ाने वाला , मूत्र बढ़ाने वाला, पोषक, शक्ति बढ़ाने वाला, खाने की इच्छा बढ़ाने वाला, बलवर्धक, कफ और पित्त कम करने वाला होता है।

कच्चा मक्का पुष्टिकारक तथा रुचिकारक होता है। मक्का हृदय की पेशियों को उत्तेजित करता है, रक्तचाप बढ़ाता है, मूत्र संबंधी बीमारियों में औषधियों की तरह काम करता है एवं पाचन तंत्र को बेहतर करता है। मक्के की रेशमी वर्तिका या बत्ती-स्तम्भक (Styptic), मूत्र कम होने पर बढ़ाने में भी मदद करता है। इसके बीज विलायक (Resolvent), शोथ या सूजन तथा दर्द को कम करने वाला व स्तम्भक होते हैं। 

अन्य भाषाओं में मक्का के नाम (Name of Corn in Different Languages)

मक्का का वानस्पतिक नाम Zea mays Linn. (जिआ मेज) Syn-Zea curagua Molina है। मक्का Poaceae (पोएसी) कुल का होता है। मक्के को अंग्रेजी में Maize (मेज) कहते हैं। भारत में मक्का को विभिन्न नामों से पुकारा जाता है। जैसे-

  • Sanskrit-महाकाय, मकाय, कटिज, कांडज, शिखालु, संपुटांतस्थ;
  • Hindi-मक्का, मकई, भुट्टा;
  • Uttarakhand-मूंगरी (Mungari), भुट्टा (Bhutta);
  • Odia-बूटा (Buta), मक्का (Makka);
  • Urdu-मक्का (Makka), जावरी (Javeri);
  • Konkani-मैओ (Maeo);
  • Kannada-मुश्नकोजोला (Mushankojola), मेक्केजोल (Makkejol);
  • Gujrati-मक्करी (Makkari), मकई (Makai);
  • Telegu-मक्का (Makka), जोन्नालु (Jonnalu);
  • Tamil-मक्का (Makka), चोलम (Cholam);
  • Bengali-जनर (Janar), भूटिया (Bhutiya);
  • Nepali-मकैइ (Makei);
  • Punjabi-मक्की (Makki);
  • Malayalam-चोलम (Colam);
  • Marathi-बूटी (Buti), मक्का (Makka);
  • Manipuri-चूजाक (Chujak)।
  • English-इण्डियन कार्न (Indian corn);
  • Arbi-खालवन (Khalavan);
  • Persian-बाजरी (Bajri)

भुट्टा या मक्का के फायदे (Corn Uses and Benefits in Hindi)

आयुर्वेद में भुट्टे या मक्के के कई फायदे बताए गए हैं. उनमें से कुछ प्रमुख फायदे हम आपको यहां बता रहे हैं : 

रोहिणी या डिप्थीरिया में लाभकारी भुट्टा (Corn Benefits in Diptheria in Hindi)

डिप्थीरिया से राहत दिलाने में भुट्टा का सेवन बहुत ही फायदेमंद होता है।

खाँसी से दिलाये राहत मक्का (Bhutta or Corn Benefis for Cough in Hindi)

अगर मौसम के बदलाव के कारण खांसी से परेशान है और कम होने का नाम ही नहीं ले रहा है तो भु्टटे से इसका इलाज किया जा सकता है।भुने मक्के का सेवन करने से खाँसी से राहत मिलती है।

Home remedies for Cough in Hindi

बवासीर को कम करने में मददगार मक्का (Corn to Treat Piles in Hindi)

अगर ज्यादा मसालेदार, तीखा खाने के आदि है तो पाइल्स या बवासीर के बीमारी होने की संभावना बढ़ जाती है। उसमें मक्का का घरेलू उपाय बहुत ही फायदेमंद साबित होता है। मक्के के दानों का काढ़ा बनाकर, कमर से स्नान करने से बवासीर में लाभ होता है।

यकृत की बीमारी में फायदेमंद भुट्टा (Bhutta Beneficial in Liver disease in Hindi)

लीवर की बीमारी होने पर लीवर को स्वस्थ करने में मक्का बहुत काम आता है। इसका सेवन इस तरह से करने पर फायदा मिलता है। मक्के की वर्तिका (बत्ती) को पीसकर सेवन करने से यकृत् तथा पाचन संबंधी बीमारी में लाभ होता है।

मूत्राशय का सूजन करे कम भुट्टा (Corn Benefits in Cystitis in Hindi)

किसी बीमारी के कारण यदि मूत्राशय में सूजन हुआ है तो मक्के के इस्तेमाल से जल्दी आराम मिलता है। मक्के के बीजों तथा मक्के की रेशमी वर्त्तिका से बने विविध योगों का सेवन करने से गुर्दे या किडनी की सूजन, मूत्राशय में सूजन तथा मूत्र संबंधी बीमारी से जल्दी राहत मिलने में मदद मिलती है।

किडनी की पथरी निकालने में करे मदद भुट्टा (Makai to Treat Kidney Stone in Hindi)

आजकल के प्रदूषित खान-पान के कारण किडनी में पथरी होने का खतरा दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है। मक्के की भस्म (65 मिग्रा) को (1 गिलास) जल में घोलकर सेवन करने से वृक्क (किडनी) एवं मूत्राशयगत अश्मरी (पथरी)में लाभ होता है।

और पढ़ें : किडनी की पथरी के इलाज में फायदा पहुंचाते हैं ये घरेलू नुस्खे 

मूत्राशय विकार में फायदेमंद कॉर्न (Corn to Fight Urinary Disorder in Hindi)

मूत्राशय संबंधी बीमारी में मक्का का सेवन फायदेमंद होता है। 

-मक्के की वर्तिका (Style) का काढ़ा बनाकर 10-20 मिली मात्रा में सेवन करने से मूत्राशय संबंधी बीमारी से राहत मिलती है।

-मक्के का काढ़ा बनाकर 15-20 मिली मात्रा में सेवन करने से मूत्रदाह तथा मूत्रत्याग के समय होने वाले दर्द से राहत मिलती है।

टी.बी के बीमारी के लक्षणों से दिलाये राहत मक्का (Corn Benefits for Tuberculosis in Hindi)

टी.बी के कष्ट से राहत दिलाने में मक्का बहुत काम करता है। मक्कों के दानों से बने विविध प्रकार के भक्ष्य का सेवन करने से टी.बी. (राजयक्ष्मा) व रात को बिस्तर पर पेशाब करने की बीमारी में लाभ होता है।

ब्लीडिंग करे कम मक्का (Bhutta Beneficial in Bleeding in Hindi)

अगर हद से ज्यादा ब्लीडिंग हो रहा है तो मक्के का सेवन बहुत लाभकारी होता है। सूखे वर्तिका से बने भस्म को रक्तस्राव वाले स्थान पर रखने से रक्त रुक जाता है।

कमजोरी करे दूर भुट्टा (Bhutta Help to Fight Weakness in Hindi)

अगर लंबे बीमारी के कारण या पौष्टिकता की कमी के वजह से कमजोरी महसूस हो रही है तो मक्का का इस तरह से सेवन करने पर लाभ मिलता है। मक्के को भूनकर या मक्के के विभिन्न भक्ष्य बनाकर सेवन करने से कमजोरी दूर होने के साथ-साथ तथा शरीर पुष्ट होता है।

सूखा रोग में फायदेमंद मक्का (Corn to Treat Rickets in Hindi)

सूखा रोग प्रोटीन की कमी के कारण होता है।  प्रोटीन की कमी से उत्पन्न सूखा रोग में प्रचुर मात्रा में मक्के का सेवन लाभकारी होता है।

मक्का के उपयोगी भाग (Useful Parts of Bhutta)

आयुर्वेद में मक्के के दाने और वर्त्तिका (बत्ती) का प्रयोग औषधि के लिए सबसे ज्यादा किया जाता है।

Makki Ki Roti

मक्के का इस्तेमाल कैसे करना चाहिए? (How to Use Bhutta in Hindi?)

बीमारी के लिए मक्के के सेवन और इस्तेमाल का तरीका पहले ही बताया गया है। अगर आप किसी ख़ास बीमारी के इलाज के लिए मक्के का उपयोग कर रहे हैं तो आयुर्वेदिक चिकित्सक की सलाह ज़रूर लें।

चिकित्सक के परामर्श के अनुसार मक्के के दाने का 15-20 मिली काढ़े का सेवन कर सकते हैं।

मक्का कहां पाया और उगाया जाता है? (Where is Bhutta Found or Grown in Hindi?)

समस्त भारत में मुख्यत उत्तराखण्ड, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, मध्य प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, जम्मू-काश्मीर, गुजरात, कर्नाटक, आन्ध्र प्रदेश एवं हिमाचल प्रदेश में इसकी खेती की जाती है।

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सिम्पी सिंह
संपादक – न्यूज़ चौक
संस्थापक एवं मुख्य कार्यकारी अधिकारी – डील टुडेज