Category: Mahabharata

महात्मा विदुर के सर्वश्रेष्ठ अनमोल विचार और नीतियाँ – Vidur Neeti Quotes In Hindi

इस पोस्ट में हम महात्मा विदुर के अनमोल विचारों को प्रस्तुत कर रहे हैं, हर इन कथनों में हम जीवन को बेहतर बनाने की सीख, सीख सकते हैं। Mahatma Vidur Quotes…

पाण्डवों का हिमालय गमन – महाभारत | Himalayan Movement of Pandavas – Mahabharata in Hindi

धर्मराज युधिष्ठिर के शासनकाल में हस्तिनापुर की प्रजा सुखी तथा समृद्ध थी। कहीं भी किसी प्रकार का शोक व भय आदि नहीं था। कुछ समय बाद श्रीकृष्ण से मिलने के…

परीक्षित के जन्म की कथा – महाभारत | Story of Parikshit’ Birth – Mahabharata in Hindi

द्रौपदी को जब समाचार मिला कि उसके पाँचों पुत्रों की हत्या अश्वत्थामा ने कर दी है, तब उसने आमरण अनशन कर लिया और कहा कि वह अनशन तभी तोड़ेगी, जब…

भीम और दुर्योधन का संग्राम तथा दुर्योधन के वध की कथा – महाभारत | Story of the Battle of Bhima and Duryodhana and the Slaughter of Duryodhana – Mahabharata in Hindi

महाभारत का युद्ध अपने अंत की ओर बढ़ रहा था। कौरवों की ओर से अश्वत्थामा, कृतवर्मा, कृपाचार्य तथा दुर्योधन के अतिरिक्त कोई भी अन्य महारथी जीवित नहीं बचा। अब दुर्योधन…

कर्ण और अर्जुन का संग्राम और कर्ण वध – महाभारत | Battle of Karna and Arjuna and the Slaughter of Karna – Mahabharata in Hindi

द्रोणाचार्य की मृत्यु के बाद दुर्योधन पुन: शोक से आतुर हो उठा। अब द्रोणाचार्य के बाद कर्ण उसकी सेना का कर्णधार हुआ। पाण्डव सेना का आधिपत्य अर्जुन को मिला। कर्ण…

जयद्रथ, घटोत्कच तथा गुरु द्रोण के वध की कथा – महाभारत | Story of the Slaughter of Jayadratha, Ghatotkacha and Guru Drona – Mahabharata in Hindi

अर्जुन की प्रतिज्ञा सुनकर जयद्रथ काँपने लगा। द्रोणाचार्य ने उसे आश्वासन दिया कि वे ऐसा व्यूह बनाएँगे कि अर्जुन जयद्रथ को न देख सकेगा। वे स्वयं अर्जुन से लड़ते रहेंगे…

भीष्म-अभिमन्यु वध – महाभारत | Bhishma-Abhimanyu Slaughter – Mahabharata in Hindi

पहले दिन से ही महाभारत का युद्ध बड़े ही भयंकर रूप से प्रारम्भ हुआ। आठवें दिन का युद्ध भी घनघोर था। इस दिन अर्जुन की दूसरी पत्नी उलूपी से उत्पन्न…

महाभारत युद्ध का आरम्भ | Beginning of the Mahabharata Battle in Hindi

महाभारत युद्ध में दोनों पक्षों की सेनाओं का सम्मिलित संख्या बल अठ्ठारह अक्षौहिणी था। युधिष्ठिर सात अक्षौहिणी सेना के, जबकि दुर्योधन ग्यारह अक्षौहिणी सेना का स्वामी था। पाण्डव तथा कौरव…

कृष्ण का शांति प्रस्ताव – महाभारत | Peace Offer of Krishna – Mahabharata in Hindi

राजा सुशर्मा तथा कौरवों को रणभूमि से भगा देने के बाद पाण्डवों ने स्वयं को सार्वजनिक रूप से प्रकट कर दिया। उनका असली परिचय पाकर विराट को अत्यन्त प्रसन्नता हुई…

विराट नगर पर कौरवों का आक्रमण – महाभारत | Kauravas Invasion of Virat nagar – Mahabharata in Hindi

कीचक के वध की सूचना आँधी की तरह चारों ओर फैल गई। वास्तव में कीचक बड़ा पराक्रमी था और उससे त्रिगर्त के राजा सुशर्मा तथा हस्तिनापुर के कौरव आदि डरते…